अध्याय 57

घटना को हुए अभी एक दिन भी नहीं बीता था, लेकिन ऑनलाइन अफ़वाहें आग की तरह फैल चुकी थीं।

यह सब किसी ने साफ़ तौर पर रचा था।

लेकिन इस वक्त, निर्देशक के परेशान चेहरे को देखकर, उसके पास मान लेने के अलावा कोई चारा नहीं था।

वह बिना कुछ बोले सिर हिलाती है, अपना सामान समेटती है और दफ़्तर से बाहर निकलने के ...

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